Friday, July 5, 2019

प्रारंभिक गणित अध्याय प्रथम - संख्या पद्धति

 संख्या पद्धति 
 कोई भी संख्या को लिखने के लिए हमें 01234 56789  की आवश्यकता होती है 

संख्या किसे कहते हैं  
0से  9 तक  के अंको को इकाई  दहाई सैकड़ा हजार आदि स्थानों पर रखने से जो पद क्रम हमें प्राप्त होता है वह संख्या कहलाती  है

संख्याओं के विभिन्न प्रकार-
1. प्राकृत संख्या -    जीरो को छोड़कर एक से अनंत (infinite)तक सभी धनात्मक संख्या प्राकृत संख्या के अंतर्गत आती है   जैसे
1,2,3,4,5,6,7,8,9 , 10, 11, 12, 13........
2. पूर्ण संख्या - प्राकृत संख्या में सुनने मिलाने के बाद बनने वाली संख्या पूर्ण संख्या कहलाती है -  जैसे  0,1,2,3,4......
3.  पूर्णांक संख्या - प्राकृत संख्या  में 0 तथा  ऋणात्मक सख्याओं को जोड़ने पर प्राप्त होने वाली संख्या  पूर्णांक  संख्या कहलाती है जैसे -
....... - 4 - 3 - 2 - 1 - 0 1 2 3 4 6.....
4. भाज्य संख्या या यौगिक संख्या या संयुक्त संख्या - प्राकृत संख्या जाे 1 व अपने अलावा किसी अन्य संख्या से विभाजित हो सके तथा जिनके आसानी से अन्य   अभाज्य गुणनखंड या टुकड़े हो सके  भाज्य संख्या कहलाती है जैसे - 2 4 6 8 10 12  14 15 आदि
 5. रूढ़ संख्या या अभाज्य संख्याएं - वे प्राकृत संख्याएं जो केवल स्वयं से या 1 से विभाजित हो  अन्य से नहीं अर्थात जिनके आसानी से अन्य अभाज्य गुणनखंड  या टुकड़े नहीं हो सके अभाज्य संख्या कहलाती है
जैसे 2 3 5 7 11 13 17 ......
दो सबसे छोटी अभाज्य संख्या है
दो एकमात्र ऐसी  अभाज्य संख्या है जो  सम संख्या भी है
एक  न तो भाज्य संख्या है न अभाज्य संख्या है
1 से 25 तक अभाज्य संख्याएं= 9
1 से 50 तक अभाज्य संख्याएं=15
1 से 75 तक अभाज्य संख्याएं=21
1 से 100 तक अभाज्य संख्याएं=25


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